What is meditation ? Meditation For Beginners ! In Hindi

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जैसा कि  हमने इसके पिछले पोस्ट में   बताया था कि ध्यान हर व्यक्ति को करना चाहिए । इसके अनेक फायदे हैं । इस पोस्ट में आज हम इसी बात पर चर्चा करेंगे । हम आपको ध्यान के बारे में लगभग हर चीज़ बताने का प्रयास करेंगे । जैसे कि ध्यान क्या है ? ध्यान  कब करना चाहिए ? ध्यान करने से क्या – क्या फायदे हैं ? और भी बहुत कुछ । अगर आपने इसके पहले वाला पोस्ट नहीं पढ़ा है तो जाकर पढ़ सकते हैं ।

      ध्यान क्या है ? ( What Is Meditation ? )
ध्यान एक ऐसी स्थिति होती है जब आप अपने मन के सारे विचारों को भूल कर किसी एक वस्तु पर अगाक्रचित्त होकर शांति से मनन करते हैं । आपके मन में चल रहे समस्याओं , चिंताओं और विकृतियों भरी विचारों  से मुक्त होना भी एक तरह का ध्यान है । ध्यान की परिभाषा स्थिर नहीं होती । कई लोग इसे अपनी भावना से जोड़ते हैं , कई लोग भगवान के याद करने को ध्यान मानते हैं और भी बहुत कुछ । ध्यान क्या है इसका उत्तर आपको तभी संतुष्ट करेगा जब आप उसको महसूस करेंगे । 
   ध्यान कब करना चाहिए ? (Time To Do Meditation) 
वैसे तो ध्यान करने का कोई स्थिर समय नहीं होता । आप जब खाली रहें तब आप इसे कर सकते हैं । जब आप किसी भी समय ध्यान को करेंगे तब आप कभी भी ध्यान की ऊर्जा को महसूस नहीं कर पाएंगे क्यूंकि ध्यान को करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात है – आपकी इच्छा । अगर आपकी इच्छा ही नहीं होगी अंदर से तब आप कैसे उस कम को कर पाएंगे । किसी भी काम को करने के लिए आपकी इच्छा का होना अत्यंत आवश्यक होता है । उसी तरह ध्यान को भी करने के लिए आपके अंदर से इच्छा होना अत्यंत आवश्यक है । जब आप किसी भी समय ध्यान को करने लगते हैं , तब वह इच्छा धीरे – धीरे खत्म होने लगती है और फिर आप एक समय के बाद ध्यान करना बंद के देते हैं जिस कारण आप कभी उसके चरम सीमा पर पहुंच ही नहीं पाते । ध्यान करने का सबसे उत्तम समय होता है ब्रह्ममुहुर्त का समय ( सुबह 4 बजे से 6 बजे के बीच ) । पूरा दिन शोर गुल में ही गुज़र जाता है और ऐसे में आप उसी शोर गुल में ध्यान करेंगे तो आपका ध्यान बार – बार भटकता ही रहेगा । ध्यान का मतलब है एकाग्रचित्त और इसके लिए आपको किसी शोरगुल वाले स्थान नहीं  बल्कि शोरगुल से मुक्त स्थान चाहिए होता है । ब्रह्ममुहुर्त का समय सबसे शांत और शीतल होता है । इस समय ब्रह्मांड की अनंत सकारात्मक ऊर्जाएं निकलती रहती हैं । जब आप उस समय ध्यान करते हैं तब आप को वो सारी ऊर्जा आपके अंदर समाहित होती हैं जिस कारण आपका मन एकाग्रचित्त हो जाता है और आपको प्रतिदिन ध्यान करने का मन करने लगता है । और आप के अंदर धीरे – धीरे एक नयापन सा आने लगता है । 
        ध्यान कैसे करें ? ( How To Meditate ? ) 
वैसे तो ध्यान करने की कोई विधि नहीं है कि आपको बहुत सारा सामान लेकर बैठना है और पूजा इत्यादि करना है । हम बताएंगे कि आप अपने मन को ध्यान के माध्यम से कैसे एकाग्र कर सकते हैं । सबसे पहले आपको सुबह सो के उठ जाना होता है । ब्रह्ममुहुर्त का समय ध्यान करने के लिए सबसे उत्तम माना जाता है इसलिए आप कोशिश करें कि इसी समय जगें । सुबह उठने के थोड़ी देर तक अपने बिस्तर में बैठें और आंखो को पूरी तरह से खोल लें । इसके बाद आपको अपने चेहरे को पनी से धो लेना है । अगर आप फ्रेश होना चाहते हैं तो आप होलें क्यूंकि बीच में कोई समस्या ना हो । इतना कुछ करने के बाद आपको एक शांत स्थान पर पल्थी मार के बैठ जाना होता है । इसके बाद अपने शरीर को एकदम ढीला छोड़ देना होता है । इसके बाद आपको अपनी आंखों को कोमलता से बंद करना होता है । इसके बाद अपने मन से उस समय के लिए सारी चिंताओं और विचारों को मुक्त कर देना होता है । यह समय आपका है और इसे आपको ही प्रयोग करना चाहिए । इसको करने के बाद आपको अपनी सांसों पर ध्यान लगाना है । आपको अपनी सांसों को बाहर से अंदर और अंदर से बाहर आने – जाने की प्रक्रिया को देखना है । यह काम आपको 15 मिनट तक करना होता है । अगर आप कोई मेडीटेशन मुसिक चाहें तो इस्तेमाल कर सकते हैं । इयरफोन लगाकर आप सुन सकते हैं ।  15 मिनट इसको करने के बाद अपने हाथों को आपस में रगड़ें और अपनी आंखो और चेहरे पर फेरें , फिर धीरे – धीरे कोमलता से अपनी आंखो को खोल लें । यह प्रक्रिया आपको प्रतिदिन करते रहना होता है और आपको अपने समय को भी बढ़ाते रहना है 15 मिनट से भी ऊपर । यह एक दिन में नहीं होगा लेकिन जब आप प्रतिदिन कोशिश करेंगे तब यह आपसे होने लगेगा ।  ध्यान करने के लिए सबसे जरूरी है कि आपकी इच्छा होनी चाहिए अगर आपको इच्छा ही नहीं होगी तब आप कुछ नहीं कर पाएंगे । 
 ध्यान करने के फायदे ( Profit Of Meditation )
वैसे तो ध्यान के अनेकों लाभ हैं लेकिन हम इसमें से कुछ महत्त्वपूर्ण लाभों को जानेंगे । 
1- ध्यान करने से आपके इस मानव शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का श्रोत बढ़ने लगता है । आपके अंदर जितनी भी नकारात्मकता भरी होती हैं उन सब से आपको मुक्ति मिल जाती है और आप हमेशा एक सकारात्मक ऊर्जा और ताज़गी के साथ इस ज़िंदगी को जीने लगते हैं ।
2- मन एकाग्रचित्त  होना अर्थात जब आप ध्यान करने लगते हैं  तब आप किसी एक वस्तु पर पूरा ध्यान लगाते हैं । इसको करने से आपके मन से सारी चिंताएं , विचार कुछ पल के लिए आपसे दूर हो जाती हैं जिस कारण आप पूरी तरह से शांति का अनुभव करते हैं । इसी प्रक्रिया को प्रतिदिन करने से आपके मन की एकाग्रचित्त सकती कई गुना बढ़ जाती है जिस कारण आपका ध्यान कभी भी नहीं भटकता । 
3- किसी भी काम को करने में मन लगने लगता है और किसी भी परिस्थिति में अपने आप को स्थिर रख सकते हैं और साकारात्मक रह सकते हैं । हर परिस्थिति में अपने आपमें स्थिरता बनाए रखना और है मुसीबत से बाहर आना और उसको झेलना इत्यादि आपको हर तरह का अनुभव  हो जाता है । 
4- ध्यान करने से आपकी मन की तीसरी आंख खुलने लगती है । तीसरी आंख बोला जाय  मतलब आपके अंतर्मन  की ऊर्जा ।  इसको खुलने के बाद आपको यह दुनिया बहुत ही छोटी और बकवास लगने लगती है और कोई भी घटना होने से पहले ही आपको उसका अभाश होने लगता है । इसके ऊपर भी हम एक पोस्ट लाने की कोशिश करेंगे जिसमें आपको तीसरी आंख के बारे में सारी जानकारी बताने का प्रयास करेंगे ।
तो हमने जाना कि ,  ध्यान क्या होता है ? कैसे होता है ? इत्यादि कई विषयों पर बात किया । आप भी ध्यान करके अपने ज़िंदगी को पूरी तरह से बदल सकते हैं । यह जानकर आपको कैसे लगा अपनी टिप्पणी जरूर बताएं । अगर आपको यह जानकारी अच्छी लगी है तो इसको और लोगों तक पहुंचाने की कृपा करें । आपका अपना बहुमूल्य समय देने के लिए आपका धन्यवाद 🙏  ।
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Vikash Dubey

Admin

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