How To Become Successful In Life | in hindi | सफल व्यक्ति कैसे बने ?

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हेल्लो दोस्तों ,

आज हम एक अलग और नए विषय पर चर्चा करेंगे . आशा करता हूँ कि आपको ये जानकर , पढ़कर काफी अच्छा लगेगा और आपके अन्दर कुछ करने कि इच्छा जागेगी . अगर ऐसा कुछ होता है तो आप अपनी टिप्पड़ी कमेंट के माध्यम से जरुर बताएं और आने वाले समय में किस विषय पर जानना चाहते हैं ये भी जरुर बताएं .

कुछ लोगों को ये पोस्ट बकवास लगेगी और इससे ये साबित हो जायेगा कि वो अपनी लाइफ में क्या करना चाहते हैं . अगर आपको सच में Interest है तभी आपको यह पोस्ट पढना चाहिए , नहीं तो आप इसे छोड़कर जा सकते हैं .

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क्यूंकि हम नहीं चाहते कि आपका समय नष्ट हो . इसलिए आपकी इच्छा . और जो पढना चाहते हैं उन्हें हमारा तहे दिल से शुक्रिया . आशा करता हूँ कि ज़िन्दगी में आप सफल व्यक्ति जरुर बनेंगे .

आईये शुरू करते हैं —

Success यानि सफलता किसको नहीं पसंद आती . दुनिया का हर इंसान सफल होना चाहता है क्यूंकि उसे पता है कि अगर वो सफल व्यक्ति रहेगा तो उसके पास किसी भी चीज़ कमी नहीं होगी .

दुनिया का हर इंसान चाहता तो है सफल होना , लेकिन दुनिया में केवल कुछ ही लोग Succes हो पाते हैं . ऐसा क्यूँ होता है कि दुनिया में केवल 4 से 5 प्रतिशत लोग ही सफल हो पाते हैं अपनी ज़िन्दगी में ?
आज हम इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए चर्चा करेंगे ताकि हर इन्सान को ये पता होना चाहिए कि वो अभी तक Success क्यूँ नहीं हैं ?

सफलता कभी भी अचानक से नहीं आती , अगर आप निरंतर अभ्याश करते रहेंगे तो आप सफलता के शिखर पर अवश्य पहुच जायेंगे . बहुत से लोग होते हैं कि अपने आप को Active रखने के लिए Motivational Stories पढ़ते हैं , तो मेरा उनसे ये सवाल है कि जब आप Stories को पढ़ते हैं , तो उसको अपने जीवन में अमल क्यूँ नहीं करते ?

सबसे जरुरी है कि अगर आप किसी अच्छी चीज़ को देखो या अच्छी चीज़ को पढ़ो तो उसे अमल में लाओ . उसे लाने में आलस क्यूँ करते हो?

यहाँ पर ये सोचो कि कोई भी बीज एक ही दिन में पेड़ बन जाता है क्या ? ऐसा नहीं होता ना , उसे बड़े होने में सालो लग जाते हैं , और फिर उसमे भर – भर के फल आने सुरु हो जाते हैं . लेकिन आज के लोगों को बस एक झटके में सफलता चाहिए . धैर्य नाम की चीज़ ही नहीं है .

ज़िन्दगी में success होने के लिए तीन चीजों का बहुत अधिक महत्व है अगर आपके अन्दर वो तीनों चीज़े हैं , तो आपके सफल होने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं . पहला है हमारा Petience यानि धैर्य , दूसरा है हमारा Believe यानि खुद पे विश्वास और तीसरा वो है जो इनके होने से आपको वो करने कि शक्ति मिलती है और वो है हमारा Risk लेना .

अगर ये तीनों आपस में किसी भी व्यक्ति में जुड़ जाएँ या मिल जाएँ तो उस व्यक्ति को सफलता के शिकार को पाने से कोई नहीं रोक सकता . दुनिया में जितने भी व्यक्ति सफल हुए है , आप उनकी बायोग्राफी उठा के देख लीजिये , हर उन व्यक्तियों में ये तीनों चीज़े पायीं गयी हैं .

सफल होना तो सब चाहते हैं लेकिन जब बारी Risk की आती है , तो आधे से ज्यादा लोग अपने हाथ खड़े कर लेते हैं और इससे ये पता चलता है की उनके अन्दर ये तीनों चीजों कि अत्यधिक कमी है . और वो अपने जीवन में कुछ बड़ा नहीं करना चाहते हैं बस जो मिला , जितना मिला उतने में ही खुश रहने कि कोशिश करते हैं .

अगर आप सच में अपनी जिंदगी में कुछ बड़ा करना चाहते हैं तो उठिए , इस अन्दर के डर से बाहर निकलिए और ले लीजिये अपने लक्ष्य के लिए Risk और लग जाईये अपनी मेहनत पे . अगर आपको सफल होना है तो आपको Risk ही पड़ेगा .

जब तक आप डर के घर में बैठे रहेंगे तब आप सफलता को भूल जाईये , अगर आप Risk लेने के लिए तैयार नहीं हैं तो आप के लिए सफलता नहीं बनी है . सफलता उनके लिए ही है जो Risk लेने के लिए तैयार हैं . पहले आपको कर्म करना होगा उसके आप फल के भागीदार बनेंगे और अगर आप कर्म ही नहीं करेंगे तो कैसा फल ?

उठो , जागो और चल दो अपनी लक्ष्य की ओर—

मुझे इसी बात पर एक महान कवी श्री हरिवंश राय बच्चन जी कि लिखी हुई एक कविता याद आती है जिसमे वो कहते हैं कि ,
“ तू ना थकेगा कभी , तू ना रुकेगा कभी
तू ना मुड़ेगा कभी , कर सपथ , कर सपथ , कर सपथ “

अर्थात , कि बस हमे चलते रहना है , ना लक्ष्य के लिए दौड़ना है न उसके लिए रुकना हैं , बस निरंतर चलते रहना है . हर इंसान के पास सफल होने का कोई – ना – कोई एक master plan होता है . आपके पास भी होगा लेकिन कहीं – ना – कहीं अन्दर से डर लगा रहता है कि कहीं होगा या ये नहीं होगा .

“ सबसे बड़ा रोग , क्या कहेंगे लोग “
इसका डर दुनिया के हर व्यक्ति के अन्दर होता है लेकिन केवल कुछ ही व्यक्ति ऐसे होते हैं जिनके अन्दर लेशमात्र भी इसका भय नहीं होता . और वो वही व्यक्ति होते हैं जो सच में अपनी ज़िन्दगी में सफल बनने के लिए सारी हदें पार कर , वो अपनी सफलता के शिखर को पा लेते हैं .

और वहीं पर दुसरे व्यक्तियों के अन्दर यही बात चलती रहती है कि ‘ अगर असफल हो गए तो लोग क्या कहेंगे ‘ हसीं आती है मुझे उन लोगों पर जिन्हें असफलता से डर लगता है और उससे ज्यादा “ क्या कहेंगे लोग “ से लगता है . बेवकूफ होते हैं वो लोग जो दुनिया कि बातों से डर जाते हैं . ये बोलने का ठीका दुनिया वालो ने ही लिया है , आप क्यों उनके ठीके से परेसान हो रहे हो ?

जिस व्यक्ति को अपने ऊपर विश्वास होता है और जो व्यक्ति उस विश्वास के साथ Risk लेते हैं , वो कभी भी असफल नहीं होते , बस उनका तजुर्बा और भी दृढ और नया हो जाता है .

Thomas Alva Edison जब बल्ब का अविष्कार कर रहे थे , तब उस समय उन्हें भी कई बार असफलता ही हाथ लगी थी , लेकिन अगर वो एक बार में असफलता के डर से वो Risk ना लेते तो शायद आज हमे अपना जीवन अँधेरे में गुजरना पड़ता .

जब वो बल्ब का अविष्कार कर रहे थे तब 1200 बार उन्हें असफलता ही मिली थी और 1201वीं बार उन्हें सफलता हाथ लगी और वो आज बल्ब के निर्माता के रूप में माने जाते हैं .

जब उनका Interview हुआ और उनसे पूछा गया कि आप इतनी बार असफल होने के बावजूद आपको , असफलता का भय नहीं हुआ कि लोग क्या कहेंगे ? Thomas Alva Edison ने कहा कि अगर भय होता तो यही मेरी सबसे बड़ी असफलता होती और जो मैंने आज कर दिखाया है वो कभी संभव ही नहीं हो पाता .

फिर उनसे पूछा गया कि आप तो 1200 बार असफल हुए थे ?
इस प्रश्न का उत्तर Thomas Alva Edison ने मुस्कुराते हुए कहा कि मै 1200 बार असफल नहीं हुआ , अर्थात मैंने तो 1200 ऐसे तरीकों को खोज निकाला हूँ , जिनके प्रयोग से बल्ब को जलाया ही नहीं जा सकता , अपितु केवल एक वो तरीका है जिससे बल्ब को जलाया का सकता है .

Thomas Alva Edison का ऐसा उत्तर सुन के सभी लोग चकित रह गए और उन्हें बहोत सारी बधाईयाँ मिली . तो ऐसे थे हमारे Thomas Alva Edison जी . जो इतनी बार असफल होने के बावजूद भी हार नहीं माने क्यूंकि उन्हें विश्वास था कि वो ये क्र सकते हैं .

विश्व में जिसने भी risk लिया है , उन्हें सफलता प्राप्त हुई है और जो risk के डर से अभी तक बैठे हुए हैं वो तो पहले से ही असफल हो चुके हैं. अगर दिल में थोडा सा भी जूनून है कि मुझे सफल व्यक्ति बनना है तो , थोडा ही सही लेकिन risk लेना ही पड़ेगा .

अपने लिए ना ही सही लेकिन उन माँ – बाप के बारे में सोचो जो तुम्हे एक सफल व्यक्ति के रूप में देखना चाहते हैं . अपने सम्मान के लिए उठो और आगे बढ़ो . “ अगर सूरज कि तरह चमकाना चाहते हो तो, सूरज की तरह जलना भी सीखना होगा .

सफलता कोई दो दीन में मिल जाने वाली वस्तु नहीं है , उसे पाने के लिए निरंतर दृढ निश्चय के साथ मेहनत करना पड़ता है . धैर्य रखना पड़ता है और आग में जलना पड़ता है तब जाकर खरा सोना बहार निकलता है .

याद रखने की बात –
जब आप गरीब होते हैं तो उस समय आपका साथ कोई नहीं देता और देगा भी नहीं क्यूंकि पास कुछ नहीं है .
जब आप मेहनत करना शुरू करते हैं या जब आप मेहनत करने लगते हैं , तब आप पे लोग हसतें हैं , आपकी मेहनत पर हसते हैं .
जिस दिन आप एक सफल व्यक्ति बन जाते हैं , तब वही लोग आपसे जलना शुरू कर देते हैं और आपके साथ समय बिताने के लिए हमेसा आतुर रहते हैं .
ये बातें कभी आप अजम,अ के भी देख सकते हैं . लेकिन उसके लिए आपको सफल होना पड़ेगा और सफलता पाने के लिए Risk लेना पड़ेगा.

Risk लेना इतना आसान नहीं होता . चलिए इसे आसान बनाने की कोशिश करते हैं . risk लेने के लिए सबसे पहले आपका एक Positive Mindset होना अत्यंत आवश्यक है . आपको इसका फैसला दिमाग से नहीं , दिल से लेने कि आवश्यकता है क्यूंकि दिमाग के पास emotion नहीं होता इसलिए आपका फैसला केवल Negative ही होता है .

दिल के पास emotion होता है और दिल से लिया हुआ फैसला आपके emotion से जुड़ा हुआ होता है और शायद इसी कारण आप एक Positive Descission ले पाते हैं .

आपका जो भी plan है उसे एक बार बस अपने emotion से जोड़ के देखिये , आपको बस दो ही तरह के जवाब मिलेंगे “ या तो हाँ ‘ या तो ना “ और आप एक बड़े फैसले के लिए अपने आप को तैयार कर पाएंगे और आपका फैसला एक सही दिशा में जायेगा .

Planning For Success

Risk लेने से पहले आपको एक प्लानिंग बनानी पड़ेगी . कोई भी बड़े लक्ष्य को पाने के लिए प्लानिंग कि बहुत ही आवश्यकता होती है . मान लीजिये की आपने Risk लिया लेकिन आपको सफलता नहीं मिली , तो आप उस नुक्सान कि भरपाई कहाँ से करेंगे . तो असफलता के डर से , भागना नहीं है लेकिन उसके लिए एक बड़े प्लानिंग की आवश्यकता जरुर करनी है .

success motivation risk

प्लानिंग बनाने के बाद अपने लक्ष्य को पाने के लिए जी जान से लग जाईये और जब तक आप मंजिल तक न पहुच जाएँ तब तक बीच में आपको रुकने कि कोई आवश्यकता नहीं है .

Time Boundation

हमने प्लानिंग तो कर लिया लेकिन हमे ये भी ध्यान देना है कि हमारा लक्ष्य कितने दिन में हमारे कदमो के नीचे हो . इसके लिए आपको एक समय को निश्चित करना होगा कि इतने समय के अन्दर ये मुझे चाहिए . आपके अन्दर उसका जूनून स्वर होना चाहिए कि आप उसके बिना अधूरे हैं और वो आपके बिना .

अगर आपने प्लानिंग कर ली है तो , एक सिमित समय बना दीजिये कि इतने समय के अन्दर आपको अपने लक्ष्य को प्राप्त कर लेना है , चाहे जो भी हो जाये .

अगर आप सफलता पाना चाहते हैं तो समय कि कीमत को , आपको समझना होगा क्यूंकि समय पर मिला हुआ ज़हर अमृत के समान होता है और समय के बाद मिला हुआ अमृत भी ज़हर से कम नहीं होता . तो आपको अपने लक्ष्य के लिए समय का महत्व समझना होगा . तभी आप सफलता के शिखर को प्राप्त कर पाएंगे .

“ WHEN YOUR SIGNATURE BECOMES AUTOGRAPH THAT DAY YOU , WILL BE A SUCCESFUL PERSON IN THE WORLD ”

आशा करता हूँ कि आपको ये पढ़कर काफी अच्छा लगेगा और ये पोस्ट आपके जीवन में जरुर कोई न कोई बदलाव लायेगा और मुझे विश्वास है कि आप इसे पढने के बाद , आप भी अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए Risk जरुर लेंगे . तो आज से ही अपने लक्ष्य कि ओर बढ़ना शुरू कर दीजिये क्यूंकि समय किसी का नहीं होता .

आपका अपना बहुमूल्य समय देने के लिए आपका धन्यवाद

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Vikash Dubey

Admin

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