ये डायबिटीज़ है क्या ?? What is Diabetes ? How it’s cause ? In Hindi

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        डायबिटीज़ क्या है ? ( What Is Diabetes )
आज हम एक नए और सबसे जाने – माने बीमारी के विषय में बात करेंगे जो  इतनी आम है कि आप सोच भी नहीं सकते । इस बीमारी से भारत में लगभग हर 11 लोगों में 1 व्यक्ति ऐसा है जो इस बीमारी से ग्रसित है । जी हां , हम बात कर रहें मधुमेह की या डायबिटीज़ की , इसे आम भाषा में शुगर भी कहा जाता है ।  डायबिटीज़ ( Diabetes ) को समझने के लिए पहले हमें अपने शरीर को समझना होगा । हमारे सेल्स भी गाड़ी की  तरह ही होते हैं । चलने के लिए उन्हें ईंधन की जरूरत होती है और हमारी सेल्स का ईंधन एक तरह का शुगर ही है , जिसका नाम ग्लूकोज ( Glucose ) है । जब भी हम कुछ खाते हैं , उसे हमारा डाइजेस्टिव सिस्टम ( Digestive System ) उसे ग्लूकोज में बदल देता है , जो कि हमारे सेल्स को एनर्जी प्रदान करता है सेल्स को अपने रोज़ – मर्रा के कामों को करने के लिए  और इस एनर्जी के कारण हमारा शरीर अपना काम कर पता है , जैसे सांस लेना , हसना , बोलना  , खेलना , खाना , चलना , दौड़ना इत्यादि जैसे कामों को आसानी से कर पाता है ।  ग्लूकोज एक सुगर ही है , पर वो नहीं जो हम चाय में डालते हैं । ग्लूकोज आम चीनी से कम मीठा होता है , और हमारे सेल्स को बहुत पसंद आता   है । जैसे किसी गाड़ी में पेट्रोल डालने के लिए पंप की आवश्यकता पड़ती है , ठीक उसी प्रकार ग्लूकोज को हमारे सेल्स तक पहुंचाने के लिए इंसुलिन की  जरूरत पड़ती है । इंसुलिन ( Insuline ) एक हार्मोन है , जो हमारे पैनक्रियाज ( Pancreas ) से निकलता है और हमारे खून में ग्लूकोज की मात्रा को रेगुलेट या नियमित करता है । अगर हमारे सेल्स तक ग्लूकोज ना पहुंचे , तो वो हमारे खून में बढ़ जाता है । ऐसा ही कुछ डायबिटीज़ ( Diabetes ) में होता है । और इसी कंडीशन को डायबिटीज ( Diabetes ) कहते हैं । 
डायबिटीज़ ( Diabetes ) दो तरह की होती हैं —
      डायबिटीज़ के प्रकार (Types Of  Diabetes )
 वैसे तो डायबिटीज़ के कई सारे लक्षण हैं  । उनके लक्षणों के आधार पर ये दो प्रकार के होते हैं । वो कुछ इस प्रकार हैं 
1- टाइप 1 डायबिटीज़ ( Type 1 Diabetes ) 
2- टाइप 2 डायबिटीज़ ( Type 2 Diabetes )
        टाइप 1 डायबिटीज़ ( Type 1 Diabetes )
इस डायबिटीज़ में हमारा शरीर इंसुलिन बनाई नहीं पाता या बहुत कम बना  पाता है ,  क्यूंकि जो सेल्स पैनक्रियाज में इंसुलिन बनाते हैं उनको हमारा इम्यून सिस्टम ( Immune System ) गलती से खतम कर देता है । टाइप 1 डायबिटीज़ ( Type 1 Diabetes )  ज्यादातर बच्चों या कम उम्र के लोगों में देखी जाती है और जिन लोगों को ये डायबिटीज़ होती है , उनको अपना ग्लूकोज लेवल कंट्रोल करने के लिए पड़ती है ।
हर – रोज़ इंसुलिन की इंजेक्शन लेनी पड़ती है ।
 टाइप 1 डायबिटीज़ ( Type 1 Diabetes ) के होने का सही कारण अभी तक पता नहीं चल पाया है लेकिन अगर आपके परिवार में किसी को ये डायबिटीज़ है तो आपको भी ये डायबिटीज़ होने की संभावना बढ़ जाती है । ज्यादातर लोगों को जो डायबिटीज़ होती हैं उसे टाइप 2 डायबिटीज़ ( Type 2 Diabetes ) कहते हैं । बल्कि जिन – जिन  लोगों को डायबिटीज़ है । और इसलिए आज हम इसके बारे में बात करेंगे ।
        टाइप 2 डायबिटीज़ ( Type 2 Diabetes ) 
इस डायबिटीज़ में या तो हमारा पैनक्रियाज पर्याप्त मात्रा में इंसुलिन नहीं बना पाता है या हमारा इंसुलिन सेल्स को पहुंचाने में सक्षम नहीं हो पाता या इन दोनों में से ग्लूकोज सेल्स तक नहीं पहुंच ही नहीं पाता और हमारे खून में ही उसकी मात्रा बढ़ती जाती है इसलिए डायबिटीज़ में आपके खून की जांच  की जाती है और आपके खून में ग्लूकोज की मात्रा अधिक पाई जाती है । खून में ये अधिक ग्लूकोज आपकी आंख , किडनी और नर्वस ( Nerves ) में परेशानी का कारण बन सकती हैं और जिन लोगों को डायबिटीज़ होती है, उन्हें हार्ट डिजिज  ( Heart Disease )   और स्ट्रोक ( Stroke ) होने की संभावना बढ़ जाती है ।
 डायबिटीज़  के कारण ( Causes Of  Diabetes )
वैसे तो डायबिटीज़ हर उम्र के लोगों को नहीं होता क्यूंकि इसके होने के ऐसे कई सारे कारण है जो सिर्फ  ज्यादा उम्र के लोगों में होते हैं । हम ये भी नहीं कह सकते कि कम उम्र के लोगों में नहीं होता क्यूंकि उसके कुछ ऐसे कारण भी हैं जो सायद कम उम्र के लोगों में पाए जाते हैं । तो अयिए इसके कारण के बारे में बात करते हैं …
डायबिटीज़ होने के कई कारण है …
♦ फैमिली हिस्ट्री ( Family History ) उसमे से एक है 
अगर आपके परिवार में किसी को टाइप 2  डायबिटीज़ ( Type 2 Diabetes ) है तो आपको भी  टाइप 2 डायबिटीज़ होने की संभावना बढ़ जाती है । 
♦ बढ़ती उम्र के साथ भी आपके टाइप 2 डायबिटीज़ होने की संभावना बढ़ जाती है  । 
♦ आपका बढ़ता वजन भी टाइप 2 डायबिटीज़ का कारण बन सकता है । लेकिन अगर आपका वजन ज्यादा है तो उसे कम करने की कोशिश करें । आप अपना वजन कैसे कम कर सकते हैं ,  ये इसपर हमने चर्चा की है ,  अगर आपने वो पोस्ट नहीं पढ़ा तो आप उसे  जरूर पढ़े और अपने बढ़ते वजन को संतुलित करें ।  नीचे लिंक दिया गया है । 
♦ व्यायाम ना करना :- आज के हालात के हिसाब से देखा जाए तो किसी भी व्यक्ति को अपने लिए वक्त ही नहीं है ,  जिस के कारण वो कई सारी बीमारियों का शिकार होता जा रहा है । ये डायबिटीज़ का ,   व्यायाम ना करना भी एक  कारण बन सकता है  । तो हर व्यक्ति को व्यायाम करना चाहिए । 
♦ ज्यादा देर तक एक ही जगह बैठने से भी डायबिटीज़ होने का खतरा बढ़ जाता है । 
♦ ज्यादा दिमाग पे जोर देने से भी , या चिंता करने से भी डायबिटीज़ होने का खतरा बढ़ जाता है । इसलिए किसी बात को लेके ज्यादा चिंता नहीं करना चाहिए ।  चिंता से बाहर कैसे आए या इससे कैसे बचें आगे आने वाले पोस्ट में हम बात करेंगे ।
 तो हमने अभी तक ये जाना की डायबिटीज़ किन – किन कारणों से होती है अभी आगे कुछ अफवाओं के बारे में बात कर लेते हैं ।
अफवाह :-  कुछ लोगों को लगता है कि  जिसको  डायबिटीज़ है वो मीठा खा ही नहीं सकते । ऐसा नहीं है। डायबिटीज़ वाले लोग मीठा खा सकते हैं अगर वो अपने खान – पान पे  अच्छे से ध्यान रख रहे हैं तो । खान – पान जिसमें तेल , नमक और चीनी की मात्रा कम हो , और सब्जियों , फल और अनाज की मात्रा पर्याप्त हो । सारी बात कैलोरीज़ ( Calories ) की ही है अगर कैलोरीज़ बढ़ेगी तो वो नुक्सान ही करेगी फिर चाहे वो मीठा खाने से आए या कहीं और से  ।
 डायबिटीज़ के लक्षण ( Symptoms Of Diabetes )
वैसे तो हर बीमारी के कुछ ना कुछ लक्षण जरूर होते है जिसके कारण हम उस बीमारी को पहचान पाते हैं या उसे जांच कर पाते है । ऐसे ही कुछ लक्षण डायबिटीज़ के भी हैं जिनके बारे में आपको जरूर पता रहना चाहिए । 
♦ बार – बार पेशाब का आना :- वैसे तो ये नॉर्मल ही रहता है लेकिन अगर आपको रात में बार – बार पेशाब जाना पड़ता है तो आपको डॉक्टर से जरूर सलाह लेना चाहिए । 
♦ भूख ज्यादा लगना और वजन का घटना :- इसमें आपको भूख तो खूब लगेगी लेकिन आपका वजन बढ़ने के बजाय घटने लगेगा । 
♦ आपके एनर्जी भी धीरे – धीरे कम होने लगेगी । आपको चक्कर आने लगेंगे । आपकी स्टैमिना भी कम होती जाएगी ।
♦ अगर आप कहीं कट जाते हैं और अगर वहां खून बंद होने में अगर नॉर्मल से ज्यादा समय लग रहा है तब आपको डायबिटीज़ होने की संभावना हो सकती है । 
♦ आपके किडनी और हार्ट में समस्या उत्पन होने लगेगी ।
♦  आपके शरीर में  झुनझुनी  आने लगेगी ।
  
    डायबिटीज़ में खान – पान ( Diet For Diabetes )
डायबिटीज़ भी एक तरह से बहुत लंबे समय तक चलने वाली बीमारी है । इसमें भी लोग कई सालों तक गोलियां खाते रहते हैं  । वे लोग अपने खान – पान में थोड़े से बदलाव लाकर अपने आप को स्वस्थ रख सकते हैं  ।
♠ क्या खाएं —
♦ पूरे दिन में एक बार एक चम्मच सिनेमन ( Cinemon ) को प्रयोग में जरूर लें।  इसको लेने से आपके शरीर में सुगर की मात्रा नियंत्रित रहेगी । 
 
♦ अखरोट , बीन्स , पालक , ऑलिव ऑयल , ओट्स , डेयरी प्रोडक्ट्स ( इंसुलिन सेंसिटिव ) ये सब लेने से आपके डायबिटीज़ नियंत्रित रहेंगे । 
♠ क्या ना खाएं —
♦ व्हाइट ब्रेड और व्हाइट राइस का सेवन नहीं करना चाहिए । इसमें कैलोरीज़ की मात्रा ज्यादा होती  है जिस कारण आपके खून में सुगर लेवल बढ़ सकता है । 
♦ आलू , फलों के जूस  , रेड मीट , मिल्क  , सॉफ्ट ड्रिंक , किसमिस इत्यादि में चीनी की मात्रा ज्यादा होती है । 
   डायबिटीज़ के कुछ व्यायाम ( Exercises For Diabetes )
व्यायाम ना करना भी , डायबिटीज़ का एक कारण हो सकता है । अगर कोई  मधुमेह से पीड़ित है तो इन व्यायामों को कर के वो उसे नियंत्रित कर सकते हैं ।
वो व्यायाम कुछ इस प्रकार हैं — 
♦ भूजंग आसन 
♦ कपाल भाती 
♦ अलोम – विलोम 
♦ नवा आसन
♦ मत्स्येंद्र आसन
♦ रनिंग 
♦धनु आसन 
अर्थात इन आसनों को  प्रतिदिन करके आप अपने डायबिटीज़ को नियंत्रित कर सकते हैं 
तो हमने अभी तक जाना कि—
1- डायबिटीज़ क्या है ? ( What Is Diabetes ? ) 
2- डायबिटीज़ के प्रकार ? ( Types Of Diabetes ? )
3- डायबिटीज़ के कारण ? ( How It’s Cause ? ) 
4- डायबिटीज़ के लक्षण  । ( Symptoms Of Diabetes )
5- डायबिटीज़ के खाना – पान ( Diet of Diabetes )
6- डायबिटीज़ के व्यायाम ( Exercise Of Diabetes )
इतने सारे विषयों पर  हमने आज बात की । आपके आस पास अगर कोई डायबिटीज़ पेशेंट हैं तो उन्हें ये जानकारी जरूर बताएं और अगर आप भी डायबिटीज़ के बारे नहीं जानते थे तो इसे पढ़ने के बाद अब आपको कोई समस्या नहीं होगी 
अतः आपसे निवेदन है कि इसे ज्यादा से ज्यादा शेयर करें ।
धन्यवाद ।।
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Vikash Dubey

Admin

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