कैंसर क्या होता है ? What is cancer ? What causes Cancer ? !! In Hindi

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          कैंसर क्या है ? What Is Cancer ?

जिस तरह एक – एक इट मिल कर मकान का निर्माण करते है , ठीक उसी तरह प्रत्येक मानव या प्राणी का शरीर कोशिकाओं से मिल कर बनता है ।  कोशिकाओं  के एक साथ मिलने से अंगो का निर्माण होता है , और विभिन्न अंग मिलकर एक शरीर का निर्माण करते हैं ।  हमारा शरीर जेनेटिक कोड या डीएनए के द्वारा चलाया जाता है । डीएनए ( D.N.A)  हमारे मानव शरीर को निर्देश देता है कि  , क्या करना  है और किस प्रकार करना है ?  जिस कारण हमारा शरीर कोई भी काम करने में सक्षम  हो पाता है । ये जेनेटिक कोड हमारे कोशिकाओं को चलाते हैं । हमारे शरीर में कोशिकाएं निरंतर विभाजित होती रहती है  और  एक अवधि होने के बाद को सेल्स या कोशिकाएं नष्ट हो जाती हैं । यह प्रक्रिया दिन – प्रतिदिन चलती रहती है । कभी – कभी जेनेटिक कोड में डिफेक्ट  आ जाने पर या किसी कारणवश डीएनए (D.N.A)  में गड़बड़ी हो जाती है । उसके बाद एक खराब कोशिका का निर्माण होता है । ये कोशिकाएं लगातार विभाजित होने लगती है और उनकी संख्या बढ़ती रहती है यह सेल्स ठीक तरह से काम बिलकुल भी नहीं करती हैं  और ये कैंसर का रूप ले लेती हैं ।  जब किसी अंग में कैंसर युक्त अथवा खराब सेल्स आ जाती हैं , तब ये अंग कार्य करना बंद कर देता है , जोकि हमारे  शरीर में हर एक अंग एक दूसरे से जुड़े होते हैं और जब कोई एक कार्य करना बंद कर देता है , तब उसकी वजह से आस – पास के अंग काम करना बंद कर देते हैं  । शुरू में जिस अंग में कैंसर होता है , उसी में बढ़ता है और इसको प्राइमरी स्टेज ऑफ  कैंसर(P.O.C)  कहते हैं ।   जब इस अंग की कैंसर वाली सेल्स टूट कर खून के द्वारा दूसरे अंग में चली जाती है  , तब कैंसर शरीर के अन्य हिस्सों में फैल जाता है  और इसे सैकेंडरी स्टेज ऑफ कैंसर (S.O.C)  या मेटास्टैटिक ( Metastatic ) कैंसर कहा जाता है ।

    कैंसर क्यों होता है  ? Why cancer occurs ?
बड़े लोगों में वातावरण  में होने वाले प्रदुषण जैसे सिगरेट  पीने से लंग्स कैंसर और  तंबाकू चबाने से मुंह का कैंसर हो सकता है । इंडस्ट्री में काम करने वाले लोगों को कुछ रेडियोएक्टिव सामग्रियों या खान – पान में ऐसे रासायनिक चीजें लेने से हो सकता है । बच्चो में  होने वाले कैंसर का कारण हमें पाता नहीं है क्योंकि बच्चों के अंग बहुत तेज़ी से बढ़ते हैं , उनकी सेल्स में खराबी आने का खतरा ज्यादा रहता है , और इसी वजह से उनको कैंसर हो सकता है । ये शरीर के किसी भी हिस्से को प्रभावित कर सकता । कैंसर छुआछूत का रोग नहीं है , कैंसर साथ में खेलने से , साथ में बैठने से , साथ में घूमने से इत्यादि । इस सब चीजों से नहीं फैलता है ।
             कैंसर के प्रकार (Types Of Cancer)
कैंसर के दो प्रकार होते है
1- ब्लड कैंसर (Blood Cancer)
2- सॉलिड ट्यूमर्स (Solid Tumors)
                   ब्लड कैंसर (Blood Cancer)
लिकॉमिया ( Leucomia )  एक प्रकार का ब्लड कैंसर है ,  जिसमें  बोन मैरो में ब्लड सेल्स बेहद जल्दी – जल्दी बढ़ती हैं , इससे अस्थि मेज्जा में खराब सेल्स बढ़ने लगती है , जिसके कारण स्वस्थ सेल्स को विकसित होने के लिए जगह नहीं मिल पाता है । ब्लड कैंसर के अन्य प्रकार को लिंफोमा ( Lymphoma )   कहा जाता है और इसमें लिंफ नोड्स में मौजूद व्हाइट ब्लड सेल्स ( White Blood Cells ) बेहद जल्दी – जल्दी विभाजित होती हैं ।
            सॉलिड ट्यूमर्स  ( Solid Tumors )
इसमें कैंसर युक्त सेल्स शरीर के किसी एक अंग पर मिलकर गुच्छा बनाती है , जिसे ट्यूमर कहते हैं । ट्यूमर शरीर के किसी हिस्से में विकसित हो सकता है और ये शरीर के स्वस्थअंगो को नुक्सान पहुंचा सकता है । कभी – कभी कुछ ट्यूमर्स धीरे – धीरे बढ़ते हैं और इनसे जान को खतरा नहीं पहुंचता है , इन्हे बेगनिन ट्यूमर
( Begnin Tumors ) कहते हैं ।
मेलग्निं ट्यूमर्स  ( Malagnin Tumors )  तेज बढ़ने वाले ट्यूमर्स होते हैं और जान के लिए हानिकारक होते हैं , इनका तुरंत उपचार किया जाना चाहिए ।
       कैंसर के उपचार  ( Treatment Of Cancer )
♦  बच्चे में कैंसर किस प्रकार का है इस पर उपचार के प्रकार निर्भर करता है । हर बच्चे का शरीर अलग मेटाबॉलिज्म पे काम करता है , इस वजह से हर बच्चे का इलाज या उपचार अलग – अलग होता है और इसका निर्णय डॉक्टर के द्वारा इया जाता है ।
♦ सॉलिड ट्यूमर्स को निकालने के लिए सर्जरी का प्रयोग किया जाता है । इसमें ऑपरेशन के दौरान डॉक्टर के द्वारा शरीर के अंग के  आस – पास के थक्कों को निकाल दिया जाता है ।
♦ कीमोथेरेपी ( Chemotherapy )  में खाने वाले इंजेक्शन वाली दवाओं के माध्यम से कैंसर युक्त सेल्स को नष्ट किया जाता है ।  यह थेरेपी थोड़ी अजीब सी होती है । इस थेरेपी को कराने के आपके शरीर में  कई बदलाव आ जाते हैं , जैसे  सारे बाल झड़ जाते हैं , स्किन रेडिश हो जाती है ।
♦ रेडियोथेरेपी ( Radiotherapy ) में मशीन ऊर्जा युक्त अदृश्य किरणों के द्वारा शरीर के किसी खास  अंग में मौजूद कैंसर युक्त सेल्स को  नष्ट किया जाता है । इसके अलावा कोई भी इलाज करने से पहले आप डॉक्टर से बात करे , गलत इलाज करने से बच्चों को नुक्सान पहुंच सकता है ।
   कैंसर से बचाव ( Prevention From Cancer )
जब आपको पता चलता है कि आपका बच्चा कैंसर से पीड़ित है , तो ऐसी स्तिथि में आशावादी और पॉजिटिव ऐटिट्यूड अपनाना चाहिए  । बिलकुल नॉर्मल ऐटिट्यूड रखें । हर समय अपनी बीमारी को बच्चे के सामने चर्चा ना करें , इससे बच्चे की ज़िंदगी में स्थिरता आयेगी ,  बातचीत करें । यदि आपका बच्चा समझदार है , तो उसे बीमारी  के बारे में बताना अच्छा होगा , उसे बताए की वह इलाज के बाद पूरी तरह से ठीक हो सकता है । बच्चे को सवाल पूछने  दें  , यदि आपको लगे की बात करने या सवाल पूछने की जरूरत है तो कृपया डॉक्टर से बात करें । अपनी चिंता को छुपाए नहीं । बच्चे को अलग – अलग एक्टिविटीज में व्यस्त रखें । बच्चे को व्यस्त रहने से बीमारी की तरफ ध्यान नहीं जाएगा  और उनका मन भी चिंता मुक्त रहेगा ।  बच्चे के साथ समय व्यतीत करें , उनके साथ खेलें , उनसे बातें करें   इत्यादि ये सब करने से उनका मन स्वस्थ रहेगा । उपचार के बाद बच्चे का खाने , पीने का मन नहीं करेगा और नहीं किसी के बात चीत करने का , तो आपको उसको धीरे – धीरे हलका भोजन का सेवन कराना है और उसके साथ घुल – मिल कर रहें ताकि उसकी अकेला महसूस ना हो ।  बच्चे के साथ थोड़ा नरमी से पेश आएं , उसको अपनी चिंता दिखाए  की वह अकेला नहीं है उसके साथ आप सब हैं और प्यार करे उसको ।
मैं दुआ करता हूं कि आप सब हमेशा स्वस्थ रहें
धन्यवाद ।।
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Vikash Dubey

Admin

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